सुर की देवी सरस्वती माँ, सुर का ग्यान सिखादे माँ-2
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ, सुर का ग्यान सिखादे माँ-2
सुर की देवी सरस्वती माँ
रीत ना जानू, गीत ना जानू, प्रीत में जानू चरणों की-3
ग्यान नहीं अज्ञानी हूँ में, सच्ची राह दिखा दे माँ
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ
साज तुम्ही, आवाज तुम्ही हो, लाज तुम्ही बस रख लेना-3
तेरी चरण शरण आया हूँ, पग की धुल बनाले माँ
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ
पूजन अर्चन वंदन सब कुछ, शब्द सुमन अर्पण माता-3
प्रेम अकेला भेंट तुम्हे, कर वरद हस्त स्वीकारो माँ
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ
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