Wednesday, February 1, 2017

माँ शारदे माँ शारदे

माँ शारदे माँ शारदे ।
ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ 
माँ शारदे माँ शारदे

तू है दयालु बड़ी, माँ वीणा वाणी ।
करती दया हो सब पे, अम्बे भवानी ।
वो मैया विद्या का आके हमको भी, भण्डार दे ॥

करदो हमारी आज, माँ पूरी आशा ।
कब से है शर्मा तेरे, दर्शन का प्यासा ।
ओ मैया दर्शन हमे भी आ के माँ, इक बार दे ॥

मांगे ना लक्खा तुमसे, दौलत खजाना ।
सात स्वरों का मुझको अमृत पिलाना ।
ओ मैया मेरी ही माता के जैसा, बस प्यार दे ॥
माँ शारदे माँ शारदे ।
ओ मैया हम तो हैं बालक तेरे माँ 
माँ शारदे माँ शारदे

Sunday, January 29, 2017

सारे तिरथ धाम आपके चरणो में

दोहा: सद्गुरु जिन का नाम है, मन के भीतर धाम है
       
ऐसे दीनदयाल को मेरा बार बार प्रणाम है

       
कैसे करूँ मैं वंदना, ना स्वर है ना आवाज
       
आज पृख्शा है मेरी, मेरी लाज राखो गुरु आप
 
       
कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हसे हम रोए
       
ऐसी करनी कर चलो, हम हसे जग रोए

       
तीन लोक नव खंड में, गुरु से बड़ो ना कोय
       
प्रभु कहे सो टल सके, पर गुरु कहे सो होए

       
सब धरती कागज़ करूँ, लेखनी सब वनराय
       
समुद्र को स्याही, पर गुरु गुण लिख्यो ना जाए
सारे तिरथ धाम आपके चरणो में,हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में
हृदय में महा गौरी लक्ष्मी, कंठ शारदा माता है
जो भी मुख से वचन कहें, वो वचन सिद्ध हो जाता है
हैं गुरु ब्रह्मा, हैं गुरु विष्णु, हैं शंकर भगवान आपके चरणो में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में...
जनम के दाता मात पिता हैं, आप करम के दाता हैं
आप मिलाते हैं ईश्वर से, आप ही भाग्य विधाता हैं
दुखिया मन को रोगी तन को, मिलता है आराम आपके चरणो में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में...

निर्बल को बलवान बना दो, मूर्ख को गुणवान प्रभु 
देवकमल और वंसी को भी ज्ञान का दो वरदान गुरु
हे महा दानी हे महा ज्ञानी, रहूँ मैं सुबहो श्याम आपके चरणो में
हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणो में...

सुर की देवी सरस्वती माँ सुर का ग्यान सिखादे माँ

सुर की देवी सरस्वती माँ, सुर का ग्यान सिखादे माँ-2
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ, सुर का ग्यान सिखादे माँ-2
सुर की देवी सरस्वती माँ
रीत ना जानू, गीत ना जानू, प्रीत में जानू चरणों की-3
ग्यान नहीं अज्ञानी हूँ में, सच्ची राह दिखा दे माँ
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ
साज तुम्ही, आवाज तुम्ही हो, लाज तुम्ही बस रख लेना-3
तेरी चरण शरण आया हूँ, पग की धुल बनाले माँ
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ
पूजन अर्चन वंदन सब कुछ, शब्द सुमन अर्पण माता-3
प्रेम अकेला भेंट तुम्हे, कर वरद हस्त स्वीकारो माँ
है अँधियारा इस ह्रदय में, (सुर का दीप जला दे माँ-2)
सुर की देवी सरस्वती माँ






जय सरस्वती वर दे महारानी हम दीन है माँ तू दयादानी

जय सरस्वती वर दे महारानी
जय सरस्वती वर दे महारानी
हम दीन है माँ तू दयादानी
हम दीन है माँ तू दयादानी
जय सरस्वती
 
तार दे तू ही दीन दुखों की
दुःख संकट में निर्भय करणी
तब चरणों में हम कर जोड़ें
करते प्रार्थना भव भय हरणी
विद्या दान दे माँ ग्यान निदानी
विद्या दान दे माँ ग्यान निदानी
जय सरस्वती
 
शांति सुखमय वातावरण कर
भगवती विद्या ज्योति जगा दे
वीणा वादिनी शार वर्षा से
ग्यान सरिता जग में बहा दे
विनती करत हैं हम अज्ञानी
विनती करत हैं हम अज्ञानी
जय सरस्वती
 
साहित्य संगीत कला की
हे महा देवी तू हे विभूति
भक्त तिहारे विघंन विनाशिनी
मांगे ग्यान प्रकाश की ज्योति
दयादृष्टि दे जगत कल्याणी
दयादृष्टि दे जगत कल्याणी
जय सरस्वती वर दे महारानी
हम दीन है माँ तू दयादानी
जय सरस्वती
जय सरस्वती
जय सरस्वती